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अंडदान के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में हाल के वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ में हà¥à¤ तकनीकी विकास के कारण पचास वरà¥à¤· से अधिक की महिलाओं के लिठअब गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤µ हो पाया है।
आज कॅरियर और जिंदगी की à¤à¤¾à¤—दौड़ में उलà¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ परिवार शà¥à¤°à¥‚ करने में थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लेती हैं। कई बार उनकी उमà¥à¤° उस दहलीज पर पहà¥à¤‚च जाती है, बायोलॉजिकली जहां मां बनने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल होती है। मगर मेडिकल साइंस ने आज इतनी तरकà¥à¤•ी कर ली है कि महिलाओं के अधिक उमà¥à¤° में मां बनना मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं है। 50 साल महिलाओं के लिठà¤à¤• à¤à¤¸à¥€ उमà¥à¤° है जब जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं का मेनॉपॉज शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है और अंडाशयों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बंद हो जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में मां बनना नामà¥à¤®à¤•िन समà¤à¤¾ जाता है। मगर साइंस और टेकà¥à¤¨à¥‹à¤²à¥‰à¤œà¥€ ने इस समसà¥à¤¯à¤¾ का à¤à¥€ हल ढूंढ़ निकाला है। अब 50 की उमà¥à¤° में मां बनना मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं रह गया है।
à¤à¤• ओर मेडिकल साइंस में तरकà¥à¤•ी ने कॅरियर पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाली, सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° महिलाओं को यह विकलà¥à¤ª दिया है कि वे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को देरी से पà¥à¤²à¤¾à¤¨ कर सकती हैं। वहीं, दूसरी ओर उन महिलाओं के लिठà¤à¥€ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ की हैं जो बढ़ती उमà¥à¤° में दूसरा या तीसरा बचà¥à¤šà¤¾ चाहती हैं। à¤à¤¸à¥€ महिलाà¤à¤‚ à¤à¥€ हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने देर से शादी की हो, या जो दूसरी शादी से बचà¥à¤šà¤¾ चाहती हैं। कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ हैं जो दूसरा बचà¥à¤šà¤¾ पà¥à¤²à¤¾à¤¨ करने के बारे में सोच रही हैं, लेकिन लंबे बà¥à¤°à¥‡à¤• के बाद यानी लेट पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग।
बड़ी उमà¥à¤° में मां बनने पर रिसà¥à¤•
दिलà¥à¤²à¥€ के फॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸ लाफेम की ऑबà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤•à¥à¤¸ और गाइनोकोलॉजी की सीनियर कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट डॉ कà¥à¤¸à¥à¤® साहनी का कहना है कि अगर आप 30 साल की उमà¥à¤° के आसपास बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने की पà¥à¤²à¤¾à¤¨à¤¿à¤‚ग करती हैं तो पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। हालांकि बड़ी संखà¥à¤¯à¤¾ में महिलाà¤à¤‚ अब बड़ी उमà¥à¤° में à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट हो रही हैं। 40 या 50 साल की उमà¥à¤° में मां बनना मà¥à¤¶à¥à¤•िल जरूर है लेकिन नामà¥à¤®à¤•िन नहीं। हालांकि डॉ साहनी कहती हैं कि अधिक उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबीटीज, हाइपरटेंशन, होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में डाउनà¥à¤¸ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, समय से पहले डिलिवरी और सà¥à¤Ÿà¤¿à¤² बरà¥à¤¥ जैसे कई रिसà¥à¤• शामिल होते हैं। अधिक उमà¥à¤° में 3 तरीकों से कर सकती हैं गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£à¥¤ हालांकि इनके अपने-अपने सीमाà¤à¤‚ और सफलता की दर है।
उमà¥à¤° पर निरà¥à¤à¤° करती है फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€
इसमें कोई शक नहीं कि फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ उमà¥à¤° पर निरà¥à¤à¤° करती है। महिला की उमà¥à¤° जितनी अधिक होगी उसके पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ उतनी ही घट जाà¤à¤—ी। जैसे-जैसे महिला की उमà¥à¤° बढ़ती जाती है उसके शरीर में मौजूद सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ अंडों की संखà¥à¤¯à¤¾ घटती जाती है और यही वजह है कि उसके पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम होती जाती है।
à¤à¤• महिला जनà¥à¤® के समय सà¤à¥€ अंडाणॠके साथ पैदा होती है। 30 साल की उमà¥à¤° पार कर चà¥à¤•ी महिलाओं में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ अंडाणà¥à¤“ं की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ कम होती हैं। इससे उनके गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने की संà¤à¤µà¤¾à¤¨à¤¾ à¤à¥€ कम हो जाती है। इसलिà¤, विसंगतियों वाले बचà¥à¤šà¥‡ होने का जोखिम कई गà¥à¤¨à¤¾ बढ़ जाता है। आंकड़ों की बात करें तो 20 की उमà¥à¤° के दौर में जेनेटिक डिसऑरà¥à¤¡à¤° के साथ पैदा होने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 2500 में à¤à¤• होती है, जबकि 40 की उमà¥à¤° में यह संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ 350 में à¤à¤• हो जाती है।
डोनर की मदद से
50 साल की उमà¥à¤° में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं की रजानिवृतà¥à¤¤à¤¿ शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है। à¤à¤¸à¥‡ में उनका मां बनना लगà¤à¤— असंà¤à¤µ हो जाता है। वह अपने ही अंडों से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कोशिश करने के बजाय किसी डोनर की सहायता से आईवीà¤à¤« तकनीक का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। सबसे अहम बात यह है कि महिला को पूरी तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होना चाहिठताकि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ रिसà¥à¤• को कम किया जा सके और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® हो सके।
अपने अंडाणॠका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर के
गà¥à¤°à¥à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ कोलंबिया à¤à¤¶à¤¿à¤¯à¤¾ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग कंसलà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट डॉ. रितॠसेठी ने बताया कि, अपने अंडाणॠसे गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को बढ़ाने के लिठअंडाशय से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ परिपकà¥à¤µ अंडे के उरà¥à¤µà¤°à¤¤à¤¾ की जटिल पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इनफारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ कई कारकों जैसे फेलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में कà¥à¤·à¤¤à¤¿ या अवरोध होना, à¤à¤‚डोमीटà¥à¤°à¤¿à¤“सिस, शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ गतिशीलता में कमी आना और ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में गड़बड़ी की वजह से हो सकती है। ओवरी से अणà¥à¤¡à¥‡ के बाहर आने की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को ओवà¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ कहते हैं। बढ़ती उमà¥à¤° में अपने अंडे का उपयोग कर गरà¥à¤ धारण करने का सफलता दर काफी कम है। हालांकि, अगर किसी ने कम उमà¥à¤° में à¤à¤— फà¥à¤°à¥€à¤œà¤¿à¤‚ग की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर ली है, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फरà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² करने के लिठकà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤•ों की सहमति की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती हैं।
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